पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर एक बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा-नीत सरकार महिला आरक्षण विधेयक को सिर्फ एक बहाना बना रही है। इसकी आड़ में वो असली में परिसीमन (Delimitation) को लागू करना चाहती है। ममता का कहना है कि यह कदम देश को टुकड़ों में बांट सकता है।
महिला आरक्षण को कहा 'राजनीतिक छलावा'
ममता बनर्जी ने कूचबिहार में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को सीधे तौर पर 'बड़ा राजनीतिक छलावा' करार दिया। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार इस विधेयक के पीछे छुपकर एक और बड़ा बदलाव करना चाहती है, जिसका नाम है परिसीमन।
परिसीमन क्या है और क्यों है खतरा?
परिसीमन यानी Delimitation का मतलब होता है लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करना। कई बार जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या भी बदलती है। ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह प्रक्रिया शुरू हुई, तो लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़कर 850 तक पहुंच सकती है। उनका मानना है कि ऐसा होने से देश की अखंडता खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा देश को टुकड़ों में बांटना चाहती है।
ममता का आरोप: पिछले दरवाजे से लागू करना चाहती है सरकार
ममता बनर्जी के भाषण का सबसे तीखा हिस्सा यह था जब उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन विधेयक को 'पिछले दरवाजे से' लागू करना चाहती है। इसका मतलब है कि सरकार बिना खुलकर बहस किए, चुपके से इस बड़े बदलाव को अंजाम देना चाहती है। महिला आरक्षण के मुद्दे को आगे करके वो लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, ताकि परिसीमन जैसे गंभीर मसले पर सवाल न उठें।
Hamaari Baat: ममता का यह आरोप चुनावी रणनीति या सही चेतावनी?
सीधी बात है, ममता बनर्जी का यह बयान सिर्फ एक चुनावी भाषण नहीं है। यह एक ऐसा आरोप है जो संवैधानिक ढांचे और देश की एकता से जुड़ा हुआ है। अगर परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होती है, तो इसका सीधा असर हर राज्य की राजनीतिक ताकत पर पड़ेगा। जनसंख्या के आधार पर कुछ राज्यों के प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव आ सकता है। ममता का इशारा दक्षिण के राज्यों की तरफ भी है, जहां जनसंख्या नियंत्रण बेहतर रहा है और उनकी सीटें कम होने का खतरा हो सकता है। यह मुद्दा 'विकास बनाम राजनीति' से आगे जाकर 'केंद्र बनाम राज्य' के रिश्तों की नई लड़ाई खोल सकता है। भाजपा को इस आरोप का जवाब देना होगा कि क्या वाकई महिला आरक्षण के बाद परिसीमन उसकी प्राथमिकता है? क्योंकि देश को टुकड़ों में बांटने का आरोप कोई हल्का आरोप नहीं है।
Sources & References
- Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row — Vidrohi24