गृह मंत्री अमित शाह की माओवादियों को लेकर चेतावनी का असर अब दिखने लगा है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा — इन 4 राज्यों में सक्रिय एक खूंखार माओवादी मधाई पात्रा ने मंगलवार को कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
कौन है मधाई पात्रा और क्यों किया सरेंडर?
मधाई पात्रा हुगली जिले का रहने वाला है। वह बिहार, ओडिशा, झारखंड और बंगाल में सक्रिय था। Vidrohi24 के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने के बाद वह ईमानदारी से चैन का जीवन बिताना चाहता है। इसी मंशा से उसने कोलकाता पुलिस के आगे अपने हथियार डाल दिए।
मधाई ने बताया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। इसलिए उसने अपनी यूनिट के प्रमुख से अनुमति लेने के बाद हिंसा का रास्ता छोड़ा।
अमित शाह के संदेश और मिसिर बेसरा की भूमिका
मधाई पात्रा ने साफ कहा कि उसे अमित शाह के संदेश से सरेंडर करने की प्रेरणा मिली। साथ ही, मिसिर बेसरा की सहमति के बाद ही उसने हिंसा का रास्ता छोड़ा।
हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मधाई ने कोई हथियार पुलिस को सौंपा है या नहीं।
हमारी बात: यह सरेंडर क्यों है अहम?
हमारी नज़र में, यह सरेंडर अमित शाह की माओवाद विरोधी नीति की बड़ी जीत है। जब एक खूंखार माओवादी जो 4 राज्यों में सक्रिय था, खुद ही हथियार डाल देता है, तो यह संदेश साफ है — सरकार का रुख अब और सख्त हो गया है।
लेकिन एक सवाल बाकी है — क्या मधाई ने असली हथियार सौंपे या सिर्फ झांसा दिया? पुलिस की चुप्पी से यह साफ नहीं होता। फिर भी, यह एक सकारात्मक कदम है जो दूसरे माओवादियों को भी सरेंडर करने का संदेश देगा।
Sources & References
- Maoist Madhai Patra Surrender — Vidrohi24