धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में भू-धंसान और गैस रिसाव की समस्या को लेकर BCCL मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में साफ कहा गया कि प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प है।
केंदुआडीह भू-धंसान पर उच्चस्तरीय बैठक में क्या हुआ?
BCCL मुख्यालय कोयला भवन में सोमवार को यह बैठक हुई। BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में कोयला मंत्रालय, IIT-ISM धनबाद, PMRC और CMFR के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।
बैठक में टंडाबाड़ी और केंदुआडीह क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा हुई। खासतौर पर पुराने NH-32 (गोधर-पुटकी मार्ग) पर केंदुआडीह मौजा स्थित पुराने GM बंगले के पास पॉटहोल, भू-धंसान और गैस रिसाव पर बात हुई।
विशेषज्ञों ने क्या कहा? स्थिति कितनी गंभीर है?
विशेषज्ञों ने क्षेत्र की स्थिति को अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि लगातार गैस रिसाव और भू-धंसान से लोगों के जीवन पर खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों की राय थी कि प्रभावित परिवारों का शीघ्र पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-32 को चालू करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। इससे कई बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
हमारी बात: केंदुआडीह संकट पर सरकार और BCCL को तुरंत कार्रवाई की जरूरत
हमारी नजर में यह बैठक एक अहम कदम है, लेकिन अब जरूरत है जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की। जब विशेषज्ञ खुद कह रहे हैं कि स्थिति चिंताजनक है और पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प है, तो इसे गंभीरता से लेना होगा।
प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए। NH-32 को बंद रखना और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना अब देरी नहीं कर सकता। यह सिर्फ एक सड़क या मकान का सवाल नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों की जान का सवाल है।
Sources & References
- Dhanbad News: केंदुआडीह के प्रभावित परिवारों पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प : सीएमडी — Original Story