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India May 11, 2026 · min read

भंडरा भागवत कथा शोभायात्रा तीसरे दिन भक्तिमय

भंडरा में सात दिवसीय भागवत प्रतिष्ठा के तीसरे दिन ठाकुर जी की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा निकली. हरे रामा-हरे कृष्णा के संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया.

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भंडरा भागवत कथा शोभायात्रा तीसरे दिन भक्तिमय

TL;DR — Quick Summary

भंडरा में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के तीसरे दिन ठाकुर जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. हजारों श्रद्धालुओं ने हरे रामा-हरे कृष्णा के संकीर्तन के बीच भगवान राधा-कृष्ण की झांकी के दर्शन किए.

Key Facts
आयोजन
भंडरा में सात दिवसीय भागवत प्रतिष्ठा सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ
दिन
तीसरा दिन (सोमवार)
मुख्य कार्यक्रम
ठाकुर जी की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा
कथा व्यास
श्री गौरव कृष्ण शास्त्री
शुभारंभ
अपराह्न तीन बजे ठाकुरबाड़ी परिसर से
मार्ग
ठाकुरबाड़ी से मुख्य बाजार, थाना चौक, ब्लॉक रोड होते हुए पुनः कथा स्थल
विशेष
फूलों से सुसज्जित पालकी में भगवान श्री राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी

भंडरा में सात दिवसीय भागवत प्रतिष्ठा सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को ठाकुर जी की भव्य नगर भ्रमण शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई. इस दौरान हरे रामा-हरे कृष्णा के संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.

भंडरा में भागवत कथा के तीसरे दिन शोभायात्रा का शुभारंभ

कथा व्यास श्री गौरव कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में अपराह्न तीन बजे ठाकुरबाड़ी परिसर से यात्रा का शुभारंभ हुआ. फूलों से सुसज्जित पालकी में भगवान श्री राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी के दर्शन कर हजारों श्रद्धालु निहाल हो गए.

फूल-गुलाल और संकीर्तन से भक्तिमय माहौल

शोभायात्रा ठाकुरबाड़ी से निकलकर मुख्य बाजार, थाना चौक और ब्लॉक रोड होते हुए पूरे नगर का भ्रमण कर पुनः कथा स्थल पहुंची. रास्ते भर श्रद्धालुओं ने घरों के सामने रंगोली बनाई और पुष्प वर्षा कर आरती उतारी. ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजे और शंख ध्वनि के बीच भक्त जय श्री कृष्ण के जयकारे लगाते हुए झूमते नजर आए.

चिलचिलाती धूप में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

चिलचिलाती धूप को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा जगह-जगह शरबत और शीतल जल की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

हमारी बात: भक्ति और समर्पण का अनूठा संगम

हमारी नज़र में यह शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं थी, बल्कि भक्ति और समर्पण का अनूठा संगम था. हजारों श्रद्धालुओं का एक साथ हरे रामा-हरे कृष्णा का संकीर्तन करना और भगवान राधा-कृष्ण की झांकी के दर्शन करना दर्शाता है कि आज भी लोग अपनी आस्था और संस्कृति से जुड़े हुए हैं. आयोजन समिति की ओर से धूप में शरबत और पानी की व्यवस्था करना भी एक सराहनीय कदम है. ऐसे आयोजन समाज में एकता और सकारात्मकता का संचार करते हैं.

Sources & References

  1. हरे रामा-हरे कृष्णा के संकीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण — Original Story
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Written by

ISHRAFIL KHAN

Senior Reporter