Dhanbad में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) की बहाली प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र मुहैया कराने वाले एक गिरोह के छह सदस्यों को हिरासत में लिया है। इनमें एक युवती और पांच युवक शामिल हैं।
Dhanbad डाक सेवक भर्ती में फर्जीवाड़ा: कैसे हुआ खुलासा?
धनबाद थाना पुलिस ने सोमवार को इस मामले में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, ये लोग हिमाचल प्रदेश का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर आवेदकों को देते थे। इसका मकसद बहाली प्रक्रिया में फायदा उठाना था। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण डाक सेवक की दूसरी मेधा सूची का सत्यापन किया जा रहा था। कुछ प्रमाण पत्र संदिग्ध मिलने पर डाक अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी।
फर्जी सर्टिफिकेट गिरोह का तरीका: कैसे काम करता था?
सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह का काम अभ्यर्थियों के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनाना था। इन सर्टिफिकेट में ज्यादा अंकों के साथ पास होना दिखाया जाता था। गिरोह के लोग इन फर्जी प्रमाण पत्रों को कई वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि बाद में जांच करने पर ये सही लगें। पुलिस ने उनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
हमारी बात: Dhanbad डाक भर्ती घोटाला — सावधानी की जरूरत
यह मामला दिखाता है कि सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त जांच की कितनी जरूरत है। डाक अधिकारियों की सतर्कता से यह गिरोह पकड़ा गया, वरना कई योग्य उम्मीदवारों के साथ धोखा हो सकता था। हमारी नजर में, ऐसे मामलों में पुलिस और विभाग को मिलकर काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। आवेदकों को भी चाहिए कि वे किसी भी एजेंट या बिचौलिए के झांसे में न आएं।
Sources & References
- Dhanbad News: डाक सेवक बहाली में फर्जी प्रमाण पत्र मुहैया कराने वाले गिरोह के छह सदस्य हिरासत में — Original Story