बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्वाचन आयोग (ECI) से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस शिकायत पर गंभीरता से गौर करने को कहा है, जिसमें दक्षिण 24 परगना जिले के एक पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
TMC का आरोप: पुलिस ऑफिसर ने की सीक्रेट मुलाकात
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC का दावा है कि उक्त अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार से 'सीक्रेट' मुलाकात की थी। पार्टी का कहना है कि यह मुलाकात चुनाव आचार संहिता के दौरान हुई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। TMC ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट का फैसला: आयोग से कार्रवाई के निर्देश
जस्टिस कृष्ण राव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग से कहा कि वह TMC की शिकायत पर गंभीरता से विचार करे और जरूरी कार्रवाई करे। अदालत ने साफ किया कि चुनाव के दौरान पुलिस ऑब्जर्वर की भूमिका बेहद अहम होती है और उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह इस मामले में उचित कदम उठाए ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।
क्या है पूरा मामला और TMC के आरोप?
TMC का आरोप है कि दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात पुलिस ऑब्जर्वर ने BJP उम्मीदवार से गुप्त मुलाकात की। पार्टी का कहना है कि यह मुलाकात चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि पुलिस ऑब्जर्वर को किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार से संपर्क नहीं रखना चाहिए। TMC ने आरोप लगाया कि इस तरह की मुलाकात से चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठता है।
आयोग की आंख और कान हैं अधिकारी: ECI का पक्ष
चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस ऑब्जर्वर आयोग की आंख और कान होते हैं। उनका कहना था कि ये अधिकारी चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए होते हैं। आयोग ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह TMC की शिकायत की जांच करेगा और जरूरी कार्रवाई करेगा।
हमारी बात: चुनाव में निष्पक्षता सबसे जरूरी
हमारी नजर में यह मामला बंगाल चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ा है। जब कोई पुलिस ऑब्जर्वर किसी उम्मीदवार से सीक्रेट मुलाकात करता है, तो यह चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। कलकत्ता हाईकोर्ट का यह आदेश सही दिशा में है क्योंकि इससे चुनाव आयोग को सख्ती से काम करने का संदेश जाता है। TMC की शिकायत को गंभीरता से लेना जरूरी है ताकि आने वाले चरणों में ऐसी घटनाएं न हों। चुनाव आयोग को अब इस मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
Sources & References
- Calcutta High Court Election Order — Vidrohi24