शेखपुरा जिले के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में नए दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का नाम 'चहक' है, जिसके जरिए बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़ा जाएगा।
चहक कार्यक्रम क्या है और कब चलेगा?
यह कार्यक्रम नए एकेडमिक सत्र 2026-27 के तहत राज्य सरकार की ओर से लागू किया जा रहा है। राज्य शिक्षा विभाग के मुताबिक, यह तीन महीने का कार्यक्रम 4 मई से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। इसमें बच्चों को किताबों की जगह खेल-खेल में पढ़ाई की गतिविधि आधारित शिक्षण कार्यक्रम के जरिए रोचक अभ्यास पर जोर दिया जाएगा।
क्यों शुरू किया जा रहा है यह कार्यक्रम?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी नैसर्गिक जिज्ञासा के साथ सीखने का अवसर प्रदान करना है। डीपीओ समग्र शिक्षा प्रियंका कुमारी ने बताया कि खेल गतिविधियों और संवाद के जरिए बच्चों में सीखने की रुचि विकसित की जाएगी।
शिक्षकों की तैयारी कैसे होगी?
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के निर्देश पर पहली कक्षा के लिए नामित शिक्षकों को प्रखंड संसाधन केंद्रों के माध्यम से एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया जाएगा कि कैसे वे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़ सकते हैं।
हमारी बात: बच्चों के लिए एक सकारात्मक पहल
हमारी नजर में, यह कार्यक्रम बच्चों के लिए एक बहुत अच्छी पहल है। छोटे बच्चों को सीधे किताबों से पढ़ाने की बजाय खेल और गतिविधियों के जरिए पढ़ाना उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाता है। यह तरीका बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने में भी मदद करेगा। उम्मीद है कि इस तरह के कार्यक्रम दूसरे जिलों में भी शुरू होंगे।
Sources & References
- बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़ा जायेगा — Vidrohi24