बिहार के सहरसा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील खाने से 200 से अधिक बच्चों की तबियत अचानक बिगड़ गई. बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीएचसी महिषी और सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
CPI नेता पहुंचे अस्पताल, ली बच्चों की स्थिति की जानकारी
इस घटना की जानकारी मिलते ही CPI (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण और छात्र नेता शंकर कुमार सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने बच्चों की तबियत देखी और उनके परिजनों से बातचीत की. उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जानकारी ली.
कैसे हुआ हादसा? NGO पर लगे गंभीर आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल में मिड-डे मील एक एनजीओ — डॉक्टर भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान समिति — द्वारा दिया जाता है. आरोप है कि भोजन बनाने में गड़बड़ी हुई और बच्चों को विषाक्त भोजन परोसा गया. इसी वजह से 200 से अधिक बच्चों की हालत नाजुक हो गई.
CPI नेता की सख्त मांग: दोषियों पर हो कार्रवाई
ओमप्रकाश नारायण ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि किसी को भी बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की गंभीरता को समझा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
हमारी बात: बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले
यह घटना एक बार फिर स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठाती है. 200 से अधिक बच्चों का एक साथ बीमार पड़ना कोई छोटी बात नहीं है. यह साफ दिखाता है कि भोजन तैयार करने और परोसने में लापरवाही हुई है. प्रशासन को तुरंत इस मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए. बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
Sources & References
- Vinay Kumar Mishra — Saharsa Report