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India May 07, 2026 · min read

बिहार में 200 बच्चे बीमार मिड-डे मील खाने से

सहरसा के महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील खाने से 200 से अधिक बच्चे बीमार. CPI नेता ओमप्रकाश नारायण ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

ISHRAFIL KHAN

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बिहार में 200 बच्चे बीमार मिड-डे मील खाने से

TL;DR — Quick Summary

सहरसा के महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील खाने से 200 से अधिक बच्चों की तबियत बिगड़ गई. CPI नेता ओमप्रकाश नारायण सदर अस्पताल पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

Key Facts
घटना स्थल
महिषी प्रखंड का मध्य विद्यालय बलुआहा, सहरसा
प्रभावित बच्चे
200 से अधिक
कारण
मिड-डे मील में विषाक्त भोजन परोसा जाना
भर्ती स्थान
पीएचसी महिषी और सदर अस्पताल सहरसा
मिड-डे मील प्रदाता
एनजीओ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान समिति
पहुंचने वाले नेता
CPI राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण और छात्र नेता शंकर कुमार
मांग
दोषियों पर कार्रवाई

बिहार के सहरसा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील खाने से 200 से अधिक बच्चों की तबियत अचानक बिगड़ गई. बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीएचसी महिषी और सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

CPI नेता पहुंचे अस्पताल, ली बच्चों की स्थिति की जानकारी

इस घटना की जानकारी मिलते ही CPI (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण और छात्र नेता शंकर कुमार सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने बच्चों की तबियत देखी और उनके परिजनों से बातचीत की. उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जानकारी ली.

कैसे हुआ हादसा? NGO पर लगे गंभीर आरोप

मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल में मिड-डे मील एक एनजीओ — डॉक्टर भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान समिति — द्वारा दिया जाता है. आरोप है कि भोजन बनाने में गड़बड़ी हुई और बच्चों को विषाक्त भोजन परोसा गया. इसी वजह से 200 से अधिक बच्चों की हालत नाजुक हो गई.

CPI नेता की सख्त मांग: दोषियों पर हो कार्रवाई

ओमप्रकाश नारायण ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि किसी को भी बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले की गंभीरता को समझा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

हमारी बात: बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठाती है. 200 से अधिक बच्चों का एक साथ बीमार पड़ना कोई छोटी बात नहीं है. यह साफ दिखाता है कि भोजन तैयार करने और परोसने में लापरवाही हुई है. प्रशासन को तुरंत इस मामले की जांच करनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए. बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.

Sources & References

  1. Vinay Kumar Mishra — Saharsa Report
ISHRAFIL KHAN

Written by

ISHRAFIL KHAN

Senior Reporter