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India Apr 22, 2026 · min read

Alert West Bengal 2026 Election ADR Report Reveals Red Alert Seats

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 44% यानी 129 सीटें रेड अलर्ट हैं। भाजपा ने सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार उतारे हैं।

ISHRAFIL KHAN

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AI News

Alert West Bengal 2026 Election ADR Report Reveals Red Alert Seats

TL;DR — Quick Summary

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 44% सीटें 'रेड अलर्ट' हैं, जहां तीन या उससे ज्यादा दागी उम्मीदवार मैदान में हैं।

Key Facts
रेड अलर्ट सीटें
129 सीटें (44%)
सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार
भाजपा ने टिकट दिए
बलात्कार के आरोप
8 उम्मीदवारों पर
महिलाओं के खिलाफ अपराध
192 उम्मीदवारों पर केस
करोड़पति उम्मीदवार
संख्या में भारी इजाफा
औसत संपत्ति
पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ी
जीरो बैलेंस वाले
4 उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट बताती है कि इस बार राज्य में दागी और करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या पिछले चुनावों के मुकाबले काफी बढ़ गई है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि राज्य की 44 प्रतिशत विधानसभा सीटें अब 'रेड अलर्ट' सीटें बन गई हैं।

129 सीटें क्यों हैं 'रेड अलर्ट'?

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की कुल विधानसभा सीटों में से 129 सीटें 'रेड अलर्ट' सीटें हैं। रेड अलर्ट सीट का मतलब है कि उस सीट पर तीन या उससे अधिक ऐसे उम्मीदवार मैदान में हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा पिछले 2021 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले बढ़ा है। मतलब साफ है, बंगाल के चुनावी मैदान में आपराधिक रिकॉर्ड वाले नेताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है।

किस पार्टी ने उतारे सबसे ज्यादा 'दागी' उम्मीदवार?

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवारों को इस बार चुनावी टिकट दिया है। इनमें से 8 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर बलात्कार (रेप) जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा, 192 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर महिलाओं के खिलाफ अपराध का केस दर्ज है। ये आंकड़े बताते हैं कि राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार चुनते वक्त आपराधिक पृष्ठभूमि को गंभीरता से नहीं लिया है।

चुनावी मैदान में करोड़पतियों की फौज

ADR की इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार बंगाल के चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। पिछले चुनाव के मुकाबले उम्मीदवारों की औसत संपत्ति काफी बढ़ गई है। यानी, आम आदमी की बजाय अमीर उम्मीदवारों के चुनाव जीतने की संभावना ज्यादा बनती दिख रही है। हालांकि, इसी मैदान में ऐसे भी 4 'शूरवीर' उम्मीदवार हैं, जिनकी संपत्ति जीरो बैलेंस यानी शून्य है।

हमारी बात: यह रिपोर्ट चुनावी सुधारों पर सवाल खड़े करती है

ADR की यह रिपोर्ट बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की चुनावी व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। जब 44% सीटें ही रेड अलर्ट हों, तो मतदाता कैसे एक साफ-सुथरे प्रतिनिधि का चुनाव कर पाएंगे? दूसरी तरफ, करोड़पति उम्मीदवारों की बढ़ती तादाद यह साबित करती है कि चुनाव लड़ना एक महंगा खेल बनता जा रहा है, जहां आम आदमी की पहुंच कम हो रही है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बावजूद दागी उम्मीदवारों का बढ़ना इस बात का संकेत है कि राजनीतिक दल इन नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे। मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे ADR जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ें और अपने वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। एक जागरूक मतदाता ही इस 'दागी और धनबल' की राजनीति को बदल सकता है।

स्रोत

  1. बंगाल चुनाव 2026 ADR रिपोर्ट — Vidrohi24
ISHRAFIL KHAN

Written by

ISHRAFIL KHAN

Senior Reporter