म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। PPFAS Mutual Fund समेत 15 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) ने अपने फोलियो के लिए वॉलंटरी लॉक-इन सुविधा शुरू कर दी है। यह सुविधा Sebi के एक नए नियम के तहत आई है, जो निवेशकों को अपने पैसे पर ज्यादा कंट्रोल देती है।
क्या है Sebi का वॉलंटरी लॉक-इन नियम?
इस नियम के तहत, निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो से अस्थायी रूप से निकासी और डेबिट को ब्लॉक कर सकते हैं। यानी, आप चाहें तो कुछ समय के लिए अपने फंड को लॉक कर सकते हैं, ताकि कोई अनधिकृत निकासी न हो सके। यह सुविधा डीमैट और नॉन-डीमैट दोनों तरह के होल्डिंग्स पर लागू होती है।
कैसे एक्सेस करें यह सुविधा?
इस वॉलंटरी लॉक-इन सुविधा को एक्सेस करने के लिए निवेशकों को MF Central प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा। MF Central एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां से निवेशक अपने म्यूचुअल फंड निवेश को मैनेज कर सकते हैं। यहां जाकर आप अपने फोलियो पर लॉक-इन लगा सकते हैं या हटा सकते हैं।
किन AMCs ने शुरू की है यह सुविधा?
PPFAS Mutual Fund के अलावा, कुल 15 AMCs ने यह सुविधा शुरू की है। हालांकि, बाकी AMCs के नामों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन PPFAS Mutual Fund का नाम इस लिस्ट में शामिल है। यह सुविधा निवेशकों को सुरक्षा और कंट्रोल का एक नया स्तर देती है।
हमारी बात: निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
हमारी नज़र में, Sebi का यह वॉलंटरी लॉक-इन नियम निवेशकों के लिए एक स्मार्ट कदम है। इससे न सिर्फ अनधिकृत निकासी का खतरा कम होता है, बल्कि निवेशकों को अपने पैसे पर पूरा कंट्रोल मिलता है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और अपने फंड को छूना नहीं चाहते, तो यह सुविधा आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। बस याद रखें, यह एक वॉलंटरी सुविधा है, यानी आपको इसे ऑप्ट-इन करना होगा।
Sources & References
- PPFAS Mutual Fund Lock-in Facility — Livemint