Peak XV Partners ने भारतीय फिनटेक कंपनी One MobiKwik Systems से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया है। वेंचर कैपिटल फर्म ने अपनी हिस्सेदारी 130 करोड़ रुपये से अधिक में बेच दी है। यह डील एक ब्लॉक डील के जरिए हुई है।
Peak XV का One MobiKwik से बाहर निकलना क्यों अहम है?
Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India) ने One MobiKwik Systems में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़े मील के पत्थर के बाद आया है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने One MobiKwik के नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) लाइसेंस के आवेदन को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद कंपनी अब एक नया लेंडिंग आर्म लॉन्च करने की योजना बना रही है।
RBI की मंजूरी से कंपनी को क्या फायदा?
RBI से NBFC लाइसेंस मिलने का मतलब है कि One MobiKwik अब सीधे लोन देने का बिजनेस शुरू कर सकती है। पहले कंपनी पेमेंट्स और डिजिटल वॉलेट सर्विसेज पर फोकस्ड थी। अब लेंडिंग बिजनेस में उतरने से कंपनी के रेवेन्यू और ग्रोथ के नए रास्ते खुलेंगे। यही वजह है कि Peak XV ने इस मौके पर अपना निवेश निकालने का फैसला किया।
हमारी बात: Peak XV का यह कदम क्या संकेत देता है?
हमारी नजर में, Peak XV का One MobiKwik से बाहर निकलना एक सामान्य वेंचर कैपिटल स्ट्रैटेजी है। जब कोई कंपनी एक नए चरण में प्रवेश करती है, तो शुरुआती निवेशक अपना पैसा निकाल लेते हैं। यहां भी ऐसा ही हुआ है। RBI से NBFC लाइसेंस मिलने के बाद One MobiKwik के शेयरों की वैल्यू बढ़ी होगी, और Peak XV ने सही समय पर एग्जिट किया। यह कदम One MobiKwik के लिए भी अच्छा है क्योंकि अब कंपनी के पास लेंडिंग बिजनेस पर फोकस करने की आजादी है।
Sources & References
- Peak XV Exits One MobiKwik Report — Original Story