झारखंड में एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है। इस बार आरोप उत्पाद सिपाही की परीक्षा में गड़बड़ी के हैं। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की है और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है।
राज्यपाल से BJP की मुलाकात और CBI जांच की मांग
बीजेपी का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में लोक भवन पहुंचा। प्रभात खबर के मुताबिक, इस दल ने राज्यपाल से 12 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर विस्तृत चर्चा की। चर्चा के बाद पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग रखी।
तमाड़ में 'सेटिंग' और पुलिस की कार्रवाई के आरोप
बीजेपी ने राज्यपाल को सौंपे गए सात सूत्री ज्ञापन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तमाड़ के एक निर्माणाधीन भवन में परीक्षा माफियाओं द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र रटवाया जा रहा था। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की छापेमारी में इस बात का खुलासा हुआ। इसी मामले में अब तक 150 से ज्यादा गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
पेपर लीक के आरोपों का लंबा इतिहास
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक का विवाद नया नहीं है। राज्य में पहले भी कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं में ऐसे आरोप लगते रहे हैं। प्रभात खबर की रिपोर्ट बताती है कि उत्पाद सिपाही परीक्षा में गड़बड़ी का यह नया मामला एक बार फिर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ की कहानी दोहरा रहा है। BJP ने इसी पैटर्न को तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसी CBI से जांच की मांग की है।
हमारी बात: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए
सीधी बात करें तो झारखंड में परीक्षा माफियाओं का यह खेल बदस्तूर जारी है। एक निर्माणाधीन भवन में प्रश्नपत्र रटवाने की बात सामने आना दिखाता है कि यह सिस्टम कितना खोखला हो चुका है। 150 गिरफ्तारियां भी इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हैं। BJP का CBI जांच की मांग करना सही कदम है, क्योंकि राज्य की एजेंसियां अब तक इस समस्या पर काबू नहीं पा सकी हैं। हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। सरकार को इस मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आने वाले समय में कोई परीक्षा माफिया युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
Sources & References
- Jharkhand Paper Leak Case — Prabhat Khabar