झारखंड के गुमला जिले में एक आठ साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है. आरोपी गोपी लोहरा को 20 साल की कठोर जेल की सजा मिली है. यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-4 सह विशेष न्यायाधीश (पोक्सो), संजीव भाटिया की बेंच ने सुनाया है.
क्या हुआ था मामला?
यह घटना गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड की है. आरोपी गोपी लोहरा ने सदान बुकमा गांव की उस बच्ची का अपहरण कर लिया था, जब वह अपने दोस्तों के साथ गांव में ही खेल रही थी. प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के साथ खेल रहे उसके तीन-चार दोस्तों ने तुरंत घर जाकर यह जानकारी उसकी मां को दी.
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे समाज के लिए एक कलंक माना. कोर्ट ने कानून की अधिकतम धाराओं के तहत आरोपी को दंडित किया है. प्रभात खबर के अनुसार, जज संजीव भाटिया की बेंच ने गोपी लोहरा को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई.
कानून का सख्त रुख
यह मामला पोक्सो एक्ट (POCSO Act) यानी बच्चों से यौन शोषण के अपराधों से सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था. इस कानून के तहत नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है. अदालत ने इसी कानून के तहत आरोपी को अधिकतम सजा देने का रुख अपनाया. प्रभात खबर की रिपोर्ट बताती है कि कोर्ट ने मामले को समाज के लिए कलंक माना और कानून का डंडा चलाया.
हमारी बात: सजा एक स्पष्ट संदेश है
यह फैसला सिर्फ एक आरोपी को सजा देने तक सीमित नहीं है. यह एक स्पष्ट संदेश है कि समाज में अब ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एक आठ साल की बच्ची के साथ जो हुआ, वह सभ्य समाज के लिए शर्म की बात है. कोर्ट का यह सख्त रुख दूसरे संभावित अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है. ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा ही न्याय की गारंटी दे सकती है. यह फैसला इस बात का भी संकेत है कि पोक्सो जैसे सख्त कानून सही तरीके से लागू हो रहे हैं. हमें उम्मीद है कि ऐसे फैसले से पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा मिलेगा और समाज में सुरक्षा का माहौल बनेगा.
Sources & References
- Gumla Crime News: गोपी लोहरा सजा — प्रभात खबर