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Business May 16, 2026 · min read

Gen Z Job Crisis: 20-Year-Old CEO Fixes Entry-Level Hiring

Connor Vukelich ने 16 साल की उम्र में Poppin’ Jobs बनाया ताकि 16-24 साल के युवाओं को एंट्री-लेवल जॉब मिल सके। जानिए कैसे एक ड्राइविंग लाइसेंस ने उनकी जिंदगी बदल दी।

ISHRAFIL KHAN

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AI News

Gen Z Job Crisis: 20-Year-Old CEO Fixes Entry-Level Hiring

TL;DR — Quick Summary

Connor Vukelich ने हाई स्कूल में ड्राइविंग लाइसेंस मिलने के बाद नौकरी ढूंढते वक्त आई मुश्किलों को देखते हुए Poppin’ Jobs नाम का प्लेटफॉर्म बनाया। यह 16-24 साल के युवाओं के लिए एंट्री-लेवल जॉब ढूंढने में मदद करता है।

Key Facts
Founder
Connor Vukelich
Age at launch
16 years old
Company name
Poppin’ Jobs
Target audience
U.S. job seekers aged 16-24
Problem solved
Entry-level job crisis for Gen Z
Catalyst
Getting a driver’s license at 16
Key issues addressed
Ghost jobs, ghosting by employers, competition with senior-level applicants

आमतौर पर 16 साल की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस मिलना किसी भी टीनएजर के लिए आजादी का प्रतीक होता है। लेकिन Connor Vukelich के लिए यह एक बिजनेस शुरू करने का कारण बन गया। आज वह 20 साल के CEO हैं और उनकी कंपनी Poppin’ Jobs Gen Z की नौकरी की समस्या को हल कर रही है।

कैसे शुरू हुआ Poppin’ Jobs का सफर

जब Connor Vukelich को हाई स्कूल में ड्राइविंग लाइसेंस मिला, तो वह नौकरी ढूंढने लगे। लेकिन उन्हें और उनके दोस्तों को एक ही समस्या का सामना करना पड़ा — नौकरी मिलना लगभग नामुमकिन था। ज्यादातर एंट्री-लेवल जॉब्स पर सीनियर लेवल के अप्लीकेंट्स का कब्जा था। वे "ghost jobs" के लिए अप्लाई कर रहे थे और इंटरव्यू के बाद एम्प्लॉयर्स उन्हें घोस्ट कर देते थे।

इस फ्रस्ट्रेशन ने Connor को एक आइडिया दिया। उन्होंने Poppin’ Jobs नाम का प्लेटफॉर्म बनाया जो खासतौर पर 16 से 24 साल के U.S. जॉब सीकर्स को टार्गेट करता है। यह प्लेटफॉर्म उन युवाओं के लिए है जिन्हें एंट्री-लेवल जॉब ढूंढने में सबसे ज्यादा मुश्किल होती है।

Gen Z की नौकरी की समस्या क्या है?

आज के समय में Gen Z के लिए एंट्री-लेवल जॉब ढूंढना एक बड़ा चैलेंज बन गया है। कई कंपनियां "ghost jobs" पोस्ट करती हैं — यानी ऐसी नौकरियां जो असल में खाली नहीं होतीं। वहीं, इंटरव्यू के बाद एम्प्लॉयर्स का जवाब न देना भी आम बात है। इसके अलावा, सीनियर लेवल के अप्लीकेंट्स भी एंट्री-लेवल जॉब्स के लिए अप्लाई कर रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए मौके कम हो जाते हैं।

Poppin’ Jobs इसी समस्या को हल करने के लिए बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म सिर्फ 16-24 साल के युवाओं को टार्गेट करता है, ताकि उन्हें बिना किसी बड़ी प्रतिस्पर्धा के एंट्री-लेवल जॉब मिल सके।

Connor Vukelich की कहानी से सीख

Connor की कहानी बताती है कि कैसे एक छोटी सी समस्या — नौकरी न मिलना — एक बड़े आइडिया में बदल सकती है। उन्होंने अपनी और अपने दोस्तों की परेशानी को देखा और उसका हल निकाला। आज वह 20 साल के CEO हैं और उनकी कंपनी Gen Z के लिए नौकरी के दरवाजे खोल रही है।

Hamaari Baat: युवाओं के लिए एक प्रेरणा

Connor Vukelich की कहानी हमें सिखाती है कि अगर आपको कोई समस्या दिखती है, तो उसे हल करने का तरीका खुद ढूंढ सकते हैं। उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में एक कंपनी शुरू की और आज वह हजारों युवाओं की मदद कर रहे हैं। यह उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो नौकरी ढूंढने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं।

Sources & References

  1. Meet the 20-year-old CEO who launched a company in high school to solve Gen Z’s entry-level job crisis — Original Story
ISHRAFIL KHAN

Written by

ISHRAFIL KHAN

Senior Reporter