आजकल हर कोई तेज़ प्रॉफिट और हाइप के पीछे भाग रहा है। लेकिन veteran investor Thomas Russo की नज़र में असली दौलत बनाने के लिए एक बिल्कुल अलग चीज़ चाहिए — 'capacity to suffer' यानी सहने की क्षमता।
ग्लोबल मार्केट में महंगाई और अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में Russo का मानना है कि जो कंपनियां असली सर्वाइवर हैं, उनमें ये छुपी हुई आदत होती है। ये कंपनियां तुरंत प्रॉफिट कमाने के बजाय अपने भविष्य के विकास के लिए रीइन्वेस्ट करती हैं। भले ही इसका मतलब आज के मुनाफ़े को छोड़ना हो।
क्या है 'Capacity to Suffer' का मतलब?
सीधी बात करें तो 'capacity to suffer' का मतलब है — मुश्किल वक़्त में डटे रहना। जब मार्केट गिर रहा हो, जब हर कोई डरा हुआ हो, तब भी अपनी स्ट्रैटेजी पर भरोसा रखना। Russo के मुताबिक, ये सिर्फ़ कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भी ज़रूरी है।
निवेशकों को भी यही resilience develop करनी होगी। उन्हें क्वालिटी कंपनियों को मार्केट के उतार-चढ़ाव के बावजूद होल्ड करना होगा। यही लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन का राज़ है।
हाइप के पीछे मत भागो, सर्वाइवल देखो
हमारी नज़र में, Russo की ये बात आज के दौर में बहुत मायने रखती है। हर तरफ़ शॉर्ट-टर्म गेन और हाइप का बोलबाला है। लेकिन असली मालिक वही बनते हैं जो 'capacity to suffer' को समझते हैं।
जो कंपनियां आज प्रॉफिट छोड़कर R&D, इनोवेशन और ग्रोथ में पैसा लगा रही हैं, वही कल की लीडर होंगी। और जो निवेशक इन कंपनियों को पहचान लेते हैं, वही लॉन्ग-टर्म में अमीर बनते हैं।
हमारी बात: ये ट्रेट क्यों है ज़रूरी?
हमारा मानना है कि 'capacity to suffer' सिर्फ़ एक इन्वेस्टमेंट टर्म नहीं है, बल्कि एक माइंडसेट है। मार्केट में हर बार उतार-चढ़ाव आएगा। हर बार कोई न कोई क्राइसिस होगी। लेकिन जो लोग और कंपनियां इस स्ट्रेस को झेल सकती हैं, वही असली विजेता हैं।
तो अगली बार जब कोई हाइप स्टॉक या तेज़ प्रॉफिट का लालच आए, तो Russo की ये बात याद रखें — survival over hype. सहने की क्षमता ही असली दौलत बनाती है।
Sources & References
- Survival Over Hype: The hidden trait that builds long-term wealth — Original Story