Bank of Baroda ने अपने बैड लोन्स को क्लीन करने का बड़ा कदम उठाया है। बैंक ₹2,776 करोड़ के 41 स्ट्रेस्ड लोन का पोर्टफोलियो बेचने जा रहा है। इस सेल में 9 ऐसे अकाउंट शामिल हैं जिन्हें फ्रॉड डिक्लेयर किया जा चुका है।
कौन से डिफॉल्टर हैं शामिल?
इस पोर्टफोलियो में Ushdev International और Nirmal Lifestyle जैसी कंपनियों के लोन शामिल हैं। ये दोनों कंपनियां पहले से फ्रॉड अकाउंट की लिस्ट में हैं। बैंक इन सभी लोन्स को "as is where is, without recourse" बेसिस पर ट्रांसफर करेगा। इसका मतलब है कि खरीदार को ये लोन जैसे हैं वैसे ही लेने होंगे और बैंक को कोई रिकोर्स नहीं होगा।
कैसे होगी सेल?
यह सेल पूरी तरह कैश बेसिस पर होगी। Bank of Baroda Asset Reconstruction Companies (ARCs) और Non-Banking Financial Companies (NBFCs) से बात कर रहा है। ये कंपनियां ही इन स्ट्रेस्ड लोन्स को खरीद सकती हैं। बैंक का मकसद अपने बुक्स को साफ करना है ताकि नए लोन देने की क्षमता बढ़े।
बैंक के लिए क्यों जरूरी है ये कदम?
बैंकों के लिए NPA बेचना एक आम प्रक्रिया है। इससे बैंक का बैलेंस शीट क्लीन होता है और वह नए लोन देने पर फोकस कर सकता है। Bank of Baroda ने पहले भी इस तरह की सेल की है। इस बार ₹2,776 करोड़ का पोर्टफोलियो बेचकर बैंक अपने NPA रेशियो को कम करना चाहता है।
हमारी बात: बैंकों के लिए NPA सेल क्यों जरूरी?
हमारी नजर में Bank of Baroda का यह कदम सही दिशा में है। बैंकों के लिए NPA बेचना एक स्मार्ट स्ट्रेटेजी है। इससे बैंक को तुरंत कैश मिलता है और वह नए लोन देने पर ध्यान दे सकता है। हालांकि, ARCs और NBFCs को ये लोन खरीदने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इनमें फ्रॉड अकाउंट भी शामिल हैं।
Sources & References
- BoB looks to sell Rs 2,700 crore of NPAs; taps ARCs, NBFCs — Original Story