बिहार की राजधानी पटना से सटे पालीगंज इलाके में एक प्राचीन मंदिर से बड़ी चोरी हुई है। चोरों ने मंदिर के नौ ताले तोड़कर भगवान लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की अष्टधातु की मूर्तियां चुरा ली हैं।
क्या हुआ पूरा मामला?
यह घटना पालीगंज के अंकुरी गांव में स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में हुई। ETV Bharat की रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी शनिवार की देर रात हुई। चोर मंदिर में घुसे और तीनों मूर्तियां गायब कर दीं।
रविवार की सुबह जब ग्रामीण रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने मंदिर के ताले टूटे हुए पाए। अंदर जाकर देखा तो मूर्तियां गायब थीं। इससे पूरे गांव में गुस्सा और निराशा फैल गई है।
अष्टधातु की मूर्तियों का क्या मतलब है?
चोरी हुई मूर्तियां अष्टधातु की बनी हुई हैं। अष्टधातु का मतलब होता है आठ धातुओं का मिश्रण। पारंपरिक रूप से इसमें सोना, चांदी, तांबा, सीसा, जस्ता, टिन, लोहा और पारा शामिल होते हैं।
इस तरह की मूर्तियां न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि बहुत मूल्यवान भी होती हैं। इनकी कलात्मक और ऐतिहासिक कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। यही वजह है कि अक्सर ऐसी मूर्तियां चोरों के निशाने पर रहती हैं।
ग्रामीणों में गुस्सा, पुलिस जांच में जुटी
मूर्तियों की चोरी की खबर फैलते ही गांव के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों का कहना है कि यह मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है और दशकों से यहां पूजा होती आ रही है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंदिर से फिंगरप्रिंट और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। आस-पास के इलाकों में CCTV फुटेज की भी जांच चल रही है।
हालांकि, अभी तक चोरों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस का अनुमान है कि यह काम पेशेवर चोरों का हो सकता है, क्योंकि नौ ताले तोड़ना आसान काम नहीं है।
Hamaari Baat: आस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं
यह घटना सिर्फ मूर्तियों की चोरी नहीं है, बल्कि लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। पालीगंज जैसे छोटे गांवों में मंदिर सामुदायिक जीवन का केंद्र होते हैं। वहां के लोगों के लिए ये मूर्तियां सदियों की विरासत और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि ऐसी चोरियां लगातार हो रही हैं। ETV Bharat की ही एक पुरानी रिपोर्ट बताती है कि इसी इलाके में पहले भी राधा-कृष्ण की मूर्ति चोरी हुई थी। इससे साफ है कि चोरों का एक नेटवर्क सक्रिय है जो प्राचीन और मूल्यवान मूर्तियों को निशाना बना रहा है।
पुलिस को न सिर्फ इस मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि दूसरे मंदिरों की सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए। ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में अक्सर सुरक्षा का अभाव होता है। CCTV कैमरे और अलार्म सिस्टम लगाने की जरूरत है।
सरकार को भी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थानों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए। केवल पुलिस पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। स्थानीय समुदाय को भी जागरूक करना होगा और निगरानी समितियां बनानी होंगी।
आखिर में, यह सवाल महत्वपूर्ण है: क्या हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को इस तरह चोरों के हवाले कर देंगे? जवाब न में ही होना चाहिए।
Sources & References
- Idol of God Stolen from Thakurbari in Paliganj — ETV Bharat