टाटा स्टील ने वर्ल्ड स्टील डे फॉर सेफ्टी एंड हेल्थ के मौके पर एक वेबिनार आयोजित किया। इस वेबिनार का विषय था "गंभीर चोट और मृत्यु के मामलों की रोकथाम"। कंपनी ने इस मौके पर सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वेबिनार में 2,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल
इस वेबिनार में 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कर्मचारी और अनुबंध कार्यबल के सदस्य शामिल थे। यह आयोजन जमशेदपुर में हुआ।
राजीव मंगल का मुख्य संदेश: समय रहते जोखिम पहचानें
सत्र को संबोधित करते हुए टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट सेफ्टी हेल्थ व सस्टेनेबिलिटी राजीव मंगल ने कहा कि संभावित गंभीर चोट या मृत्यु (पीएसआइएफ) के मामलों से जुड़े जोखिमों की समय रहते पहचान करके बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है। उन्होंने इसके लिए सक्रिय कदम उठाने पर जोर दिया।
'देखभाल की मजबूत संस्कृति' पर जोर
राजीव मंगल ने 'देखभाल की मजबूत संस्कृति' विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा व्यवहार से ही बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
हमारी बात: सुरक्षा संस्कृति ही असली बचाव
हमारी नज़र में राजीव मंगल का यह संदेश बहुत अहम है। अक्सर कंपनियां घटना होने के बाद सुरक्षा के उपाय करती हैं, लेकिन यहां जोर पहले से जोखिम पहचानने पर है। 'देखभाल की संस्कृति' का मतलब है कि हर कर्मचारी खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ले। यह सोच अगर पूरी तरह से लागू हो जाए, तो गंभीर चोट और मौत के मामलों में बड़ी कमी आ सकती है।
Sources & References
- जोखिमों की पहचान कर टाली जा सकती हैं बड़ी घटनाएं : राजीव मंगल — Original Story