सुपौल जिले में छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर एक अहम बैठक हुई। जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय, रामनगर, पिपरा में विद्यालय संस्थापन समिति की बैठक बुलाई। यह बैठक जिला पदाधिकारी कार्यालय वेश्म में आयोजित की गई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश
बैठक में सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था पर बात हुई। जिला पदाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितने शिक्षकों की जरूरत है, उनकी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इससे छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
छात्राओं की सुरक्षा पर फोकस
सुरक्षा को लेकर DM ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में नियमित पुलिस गश्ती कराई जाए। इससे छात्राओं को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य प्रबंधन में बड़ा कदम
छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में विद्यालय में 02 एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) और जीएनएम (General Nursing and Midwifery) की प्रतिनियुक्ति करने पर सहमति बनी। इससे छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
हमारी बात: यह कदम क्यों जरूरी है?
हमारी नजर में यह बैठक और इसमें लिए गए फैसले बेहद अहम हैं। सुपौल जैसे जिले में कन्या विद्यालयों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। DM सावन कुमार का यह कदम दिखाता है कि वे छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा को गंभीरता से ले रहे हैं। शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, पुलिस गश्ती और नर्सों की तैनाती — ये तीनों फैसले मिलकर छात्राओं के लिए एक सुरक्षित और बेहतर माहौल बनाएंगे। उम्मीद है कि इन निर्देशों को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा।
Sources & References
- SUPAUL : छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए डीएम ने दिए निर्देश — राजीव झा की रिपोर्ट