Coinbase ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने लगभग 700 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह ले-ऑफ कंपनी के AI-native रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है।
Coinbase ले-ऑफ की वजह क्या है?
Coinbase के CEO Brian Armstrong ने इस ले-ऑफ की वजह क्रिप्टो मार्केट में आई मंदी को बताया है। उनके मुताबिक, मार्केट की स्थिति ठीक नहीं है, जिसकी वजह से कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा। कंपनी अब AI-native रीस्ट्रक्चरिंग पर फोकस करेगी, यानी वो अपने काम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए और बेहतर बनाना चाहती है।
कितने लोगों पर पड़ा असर?
इस ले-ऑफ का असर लगभग 700 कर्मचारियों पर पड़ा है। यह संख्या काफी बड़ी है और Coinbase के कुल वर्कफोर्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी ने यह फैसला अपने खर्चों को कम करने और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस करने के लिए लिया है।
Hamaari Baat: Coinbase का यह फैसला क्यों अहम है?
हमारी नज़र में, Coinbase का यह कदम क्रिप्टो इंडस्ट्री में चल रही अनिश्चितता को दिखाता है। क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव आम बात है, लेकिन जब एक बड़ी कंपनी इतने सारे लोगों को नौकरी से निकालती है, तो यह पूरे सेक्टर के लिए एक संकेत है। Coinbase AI पर दांव लगा रही है, जो एक स्मार्ट मूव हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की तादाद कम कर रही है। यह उन लोगों के लिए एक मुश्किल समय है जिनकी नौकरी चली गई है। सीधी बात यह है कि क्रिप्टो कंपनियों को अपने खर्चों पर कंट्रोल रखना होगा और नई टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा, लेकिन इसका खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए।
Sources & References
- Coinbase lays off nearly 700 workers in 'AI-native' restructuring — Original Story